छत्तीसगढ़

CG: म्यूल अकाउंट से 72 लाख रुपये की ठगी, दो युवकों सहित चार गिरफ्तार

Shantanu Roy
23 Oct 2025 10:34 PM IST
CG: म्यूल अकाउंट से 72 लाख रुपये की ठगी, दो युवकों सहित चार गिरफ्तार
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Kondagaon. कोंडागांव। जिले में महंगी स्पोर्ट्स बाइक और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के शौक ने दो युवकों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। कोंडागांव पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपने शौक और जल्दी पैसे कमाने की लालसा में म्यूल अकाउंट के जरिए अवैध लेन-देन किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने कुल 72,09,424 रुपये का अवैध लेन-देन किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक महंगी BMW बाइक (लगभग 3 लाख रुपये), दो iPhone, एक लैपटॉप, तीन अन्य मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और चेक बुक सहित लगभग 7 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है। मामले की जानकारी के अनुसार, साइबर सेल कोंडागांव को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध पोर्टल (14C MHA) के माध्यम से शिकायत मिली थी।

शिकायत में आरोपियों द्वारा किए गए अवैध लेन-देन का पूरा विवरण शामिल था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सेंट्रल बैंक, कोंडागांव में संचालित खाता संख्या 5660383552 का उपयोग करके विभिन्न राज्यों से पैसे ट्रांसफर किए। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि खाते के असली धारक लोकेश हिरवानी और कामेश्वर नाग थे। उन्होंने पहले म्यूल अकाउंट खोलकर अवैध लाभ कमाने का प्रयास किया था। थाना कोंडागांव और साइबर टीम ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस जांच में दो मुख्य आरोपियों रविकांत साहू और चंद्रशेखर नायक को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों पहले भी इसी म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर चुके थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि परमेश मरकाम और दसरू कांगे भी म्यूल अकाउंट के जरिए अवैध लेन-देन में शामिल थे। साइबर धोखाधड़ी और म्यूल अकाउंट के प्रयोग के पर्याप्त सबूत मिलने के बाद, 23 अक्टूबर 2025 को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

कोंडागांव पुलिस की भूमिका
कोंडागांव थाना प्रभारी निरीक्षक टामेश्वर चौहान, उप-निरीक्षक गुलाब सिंह टंडन, आरक्षक हरविंद दर्रो, विष्णु मरई और साइबर टीम के सदस्य अजय बघेल, राजेश मनहर, रितुराज सिंह ने इस बड़ी कार्रवाई में विशेष योगदान दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि म्यूल अकाउंट का उपयोग कर अवैध लाभ कमाने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने बैंक और डिजिटल खातों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह मामला साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को दर्शाता है और यह चेतावनी है कि डिजिटल लेन-देन में सतर्कता बेहद आवश्यक है।
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